संसाधन कम थे, हौसले बड़े:
संसाधन कम थे, हौसले बड़े: पिता के निधन के बाद मां ने संभाला घर, बेटी को आईटीआई में पढ़ाया आज मल्टीनेशनल कंपनी में कर रही जॉब
जबलपुर शासकीय संभागीय आईटीआई से किया ट्रैक्टर मैकेनिक में डिप्लोमा
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आर्थिक तंगी, पिता का साया उठ जाना और सीमित संसाधन… इन तमाम मुश्किलों के बावजूद अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल दूर नहीं रहती। शासकीय संभागीय आईटीआई, जबलपुर की पूर्व छात्रा नीलू यादव ने इसी जज्बे के दम पर सफलता हासिल की है। मैकेनिक ट्रैक्टर ट्रेड से प्रशिक्षण लेने वाली नीलू का चयन मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गुरुग्राम में फुल-टाइम कर्मचारी के रूप में हुआ है, जहां उन्हें ₹38,500 प्रतिमाह वेतन मिल रहा है।
बजरंग नगर, करमेता निवासी नीलू यादव ने सत्र 2023-24 में मैकेनिक ट्रैक्टर ट्रेड से 86 प्रतिशत अंकों के साथ आईटीआई उत्तीर्ण की। पिता सत्यदेव यादव के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की छोटी-सी दुकान चलाकर उन्होंने परिवार का पालन-पोषण किया और बेटी की पढ़ाई हर हाल में जारी रखी। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद नीलू ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।
आईटीआई के बाद नीलू का चयन मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गुरुग्राम में अप्रेंटिस के रूप में हुआ। उन्होंने 9 नवंबर 2024 से 8 नवंबर 2025 तक प्रशिक्षण लिया, जिसके दौरान उन्हें ₹21,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिला। प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कंपनी ने उन्हें फुल-टाइम कर्मचारी के रूप में नियुक्त कर ₹38,500 प्रतिमाह वेतन पर रोजगार दिया।
नौकरी के साथ नीलू अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। उनका लक्ष्य रेलवे में लोको पायलट, भारतीय सेना या पुलिस जैसी सेवाओं में चयनित होकर देश की सेवा करना है।

